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रांची / सात आदिवासियों की हत्या के विरोध में राजभवन के समक्ष भाजपा

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  • हाथों में तख्तियां लेकर राजभवन के समक्ष मौन धरने पर बैठे उपप्रधियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
  • घटनास्थल की ओर जा रहे भाजपा सांसदों के जांच दल को पुलिस-प्रशासन ने शुक्रवार को किएकेला मेेंड रोक दिया था

रांची। चाईबासा के बुरुगुलीकेरा गांव में सात आदिवासियों की हत्या और पत्थलगड़ी के विरोध में भाजपा ने राजभवन के समक्ष शनिवार को मौन धरना दिया। इस दौरान भाजपा के कई विधायक उपस्थित रहे। हाथों में तख्तियां लेकर बैठे हुए उपकारों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

तख्तियाें पर आदिवासियों के खून की होली खेलना बंद करो, आदिवासियों के हत्यारों को गिरफ्तार करो, ये केवल सत्ता का खेल है, आदिवासी हित गोल है, आदिवासियों के हत्यारों को फांसी दो, जैसे नारे लिख एक दिव्यांगजन दर्शन देते हैं।

बताते चलें कि मारे गए आदिवासियों के परिजनों से शुक्रवार को मिलने वाले भाजपा सांसदों के जांच दल को पुलिस-प्रशासन ने प्रतिबद्धकेला में रोक दिया था। सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा कि इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज जांच दल ने कियाकेला और सोनुवा थाना के पास धरना दे दिया। सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए। इसके बाद चक्रधरपुर-रांची एनएच 75 पर बैठ गए, जिससे डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। सात घंटे दर्शन-प्रदर्शन के बाद अंतत: भाजपा नेताओं को वापस लौटना पड़ा।

क्या घटना है

पत्थलगड़ी के बहाने निजी दुश्मनी में पूर्व मुखिया के पति के गुट ने उपमुखिया सहित सात लोगों की रविवार को हत्या की थी। सातों के सिर कटे शव पुलिस ने घटना के चौथे दिन बुधवार को गुदड़ी प्रखंड के बुरुगुलीकेला गांव के पास एक खाई से बरामद किया गया। बुरुगुलीकेरा गाँव के उपमुखिया जेम्स बुढ़ के अलावे लोंबा बुढ़, निर्मल वृद्ध, जबरा बुढ़, कोंजें टोपनो, उनवास लोमगा, एतवा बुढ़ की हत्या सरेआम गुलीकेरा पंचायत के पूर्व मुखिया मुक्ता कुई के पति रफ बुढ़ के आंगन में ही की गई थी।

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