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Jharkhand news today रांची में तंगी से 2 ने जान लिया; पिता ने 100 रु।

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हालात से हताश न हों, लड़ना सीखें: रांची में तंगी से 2 ने जान लिया; पिता ने 100 रु। नहीं दिया तो लगाई फांसी Jharkhand news today

हालात से हताश न हों, लड़ना सीखें
हालात से हताश न हों, लड़ना सीखें
  • झारखंड में 24 घंटे में 15 ने दी जान, इन 5 बेरोजगारी से तंग थे

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राजधानी रांची में 24 घंटे के दौरान आत्महत्या की तीन घटनाएं घटीं। रातू रोड इलाके के आर्यपुरी मुहल्ले में बुधवार देर शाम योगदा सत्संग कॉलेज के बीकॉम फर्स्ट ईयर के छात्र प्रशांत शेखर पाठक (19) ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी नाराजगी का कारण सिर्फ यह था कि योगदा सत्संग कॉलेज में क्लर्क पद पर कार्यरत पिता संजय पाठक ने मांगने पर भी उसे 100 रुपए नहीं दिए। वहीं खुदकुशी की दो घटनाओं के पीछे लॉकडाउन में काम नहीं मिलना है। धुर्वा के स्ट्रिंगुआ बागान में हलवाई मनोज महतो (42) को चार महीने से काम नहीं मिल रहा था। इस कारण वश में कर लिया।

तीसरी घटना कोकर हैदरअली रोड के जयनगर में बुधवार देर शाम हुई। छोटू पासवान (24) ने बेरोजगारी से परेशान होकर फंदे से झूल गया। तीनों मामलों में पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया है। इधर, राज्य में 12 और लोगों ने आत्महत्या कर ली। इनमें तीन महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है। दुमका के मसलिया और रानेश्वर में एक-एक, धनबाद के पुटकी में एक, जामताड़ा में एक, जमशेदपुर के गोलमुरी में एक और पलामू के पांकी में दो लोगों ने जोखिम भरा कर लिया। पति ने बदतमीजी से कहा तो 3 बच्चों संग मालगाड़ी के आगे कूदी, मां-बेटे की मौत तीन साल की बेटी और एक साल के बेटे की हालत गंभीर।

अकेले रांची में तीन ने आत्महत्या की … हर बार मांग पूरी करते थे पिता, पहली बार इनकार

प्रशांत शेखर अक्सर पैसे की मांग करता था, जिसे पिता संजय पाठक पूरी करते थे। बुधवार को भी उसने पिता से 100 रुपए मांगे। इनकार करने पर प्रशांत कमरे में और फांसी लगा ली। प्रशांत बाइक का शौकीन था। अक्सर दोस्तों के साथ बाइक रेसिंग करता था। दो बार बुरी तरह घायल भी हो चुके थे।

बेटों के पालन-पोषण को लेकर तनाव में हलवाई थी

तीन बेटों का पिता मनोज महतो को अपने बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण को लेकर तनाव में था। लॉकडाउन में काम बंद रहने से माली हालत और खराब हाए गई थी।काफी प्रयास पर भी छोटू को नहीं मिल रहा था काम हैदरअली रोड के जयनगर में छाेटू पासवान माता-पिता के साथ रहता था। पुलिस की शुरुआती छानबीन में पता चला है कि लॉकडाउन में काफी प्रयास के बाद भी छोटू को काम नहीं मिल रहा था। इस कारण वह तनाव में रह रहा था।

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